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पहली डेट पर ही चुत की सील तुड़वाई

时间:2023-11-30 09:17:23 来源:网络整理编辑:আবহাওয়া রিপোর্ট

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सभी अंतर्वासना सेक्स कहानी पढ़ने वालों को मेरी तरफ से यानि कि प्रीतो पंजाबन की तरफ से बहुत बहुत आदर,

सभी अंतर्वासना सेक्स कहानी पढ़ने वालों को मेरी तरफ से यानि कि प्रीतो पंजाबन की तरफ से बहुत बहुत आदर,पहलीडेटपरहीचुतकीसीलतुड़वाई सतिकार, प्यार, सलाम, नमस्ते!दोस्तों, आप ही की तरह मैं भी अन्तर्वासना की पक्की पाठक हूँ और अब तक वैसे इस में छपने वाली हर एक कहानी का लुत्फ उठाती रही हूँ और फिर कभी कभी तो बाथरूम में भी जाना पड़ता है जब पास में कोई मर्द न हो तो उंगली, मोमबत्ती जिंदाबाद!मेरी उम्र इक्कीस साल की है. मैं पंजाब में अमृतसर में रहती हूँ और यह मेरी अन्तर्वासना पर पहली सेक्स कहानी है. पिछले तीन सालों से मुझे लड़कों का चस्का लगा है, घर में माहौल ही ऐसा था कि कदम खुद ब खुद बहकने लगे थे. मेरी कामुकता मेरे काबू में नहीं थी. अब तक तीन सालों में मैंने पांच बॉयफ़्रेन्ड बदले हैं. किसी एक साथ मैं ज्यादा देर टिक नहीं पाती, जो भी लड़का या कोई भी मर्द मुझे सेक्स में खुश नहीं कर पाता या फिर जिस के साथ मुझे बिस्तर में मजा नहीं मिलता, मैं उसे छोड़ देती हूँ.अन्तर्वासना पर अपनी चुदाई के एक एक किस्से को बताने जा रही हूँ जिस का आगाज़ मैं अपनी सब से पहली डेट पर हुई चुदाई के साथ करने लगी हूँ.ठीक तीन साल पहले मैंने जवानी में बिल्कुल नया नया पैर रखा था, तभी से मेरा दाना फड़कने लगा था, जिस का कारण था केबल, हॉट वेब साइट्स अथवा अपनी उम्र से बड़ी लड़कियों के साथ मेरी दोस्ती! उनके घर जाती तो वो कंप्यूटर पर ब्लू फिल्में देख देख एक दूसरी की चूतें मसलती, मम्मे दबाती!दसवीं क्लास में मेरा पहला एफेयर बारहवीं क्लास में पढ़ने वाले बबलू नाम के लड़के के साथ चला. उस की स्कूल में पूरी दहशत थी, हर लड़का उस से डरता था, स्कूल का चौकीदार, चपड़ासी वगैरा स्टाफ के लोग उस का पानी भरते थे, मन मर्ज़ी से स्कूल आता जाता! हमारा स्कूल बहुत बड़ा है, फ्री पीरियड में वो मुझे स्टोर रूम में बुला लेता, वहाँ बैठ बातें करतें, वो मेरी स्कर्ट में हाथ डाल कर मेरी जांघें सहलाता, मेरे बटन खोल मेरे मम्मे दबाता, चूमा चाटी करता, बदले में मैं भी उस का लौड़ा पकड़ लेती और मसल देती. एक दो बार उसने मुझ से लौड़े की मुठ मरवाई और चुसवाया भी. मुझे चूस कर बहुत मजा आया. मेरा दिल रोज़ उसके लौड़े को चूसने को करता लेकिन मौका और जगह सही ना होने की वजह से कभी आगे नहीं बढ़ पाए.एक दिन उसने मुझे पहली डेट का ऑफर दिया. उसने मुझे स्कूल से बंक कर के सिनेमा हाल में बुला लिया. स्कूल टाइम पर घर से निकली और वहाँ पहुँचने की बजाये थिएटर चली गई. वहाँ डबल एक्स फिल्म लगी थी. दोनों अंधेरे में एक दूसरे से लिपट गए. उसने खुलकर मेरे मम्मे चूसे! तभी उसको कॉल आई और वो खुश हो गया और मुझे वहाँ से चलने को कहा. मैं उसके साथ बाहर आई, चेहरा चुन्नी से छुपा उसकी बाईक पर बैठ गई.वो मुझे लेकर शहर से थोड़ा बाहर ले आया. जब मैंने पूछा तो उसने कहा- बस बैठी रहो!मुझे लेकर वो किसी के फार्म हाउस में गया. वहाँ कोई नहीं था. सिर्फ गेट कीपर था. उस ने उसको चाभी दी, मैं समझ चुकी थी.हम दोनों एक आलीशान बेडरूम में पहुँच गए. उसने उस आदमी को कुछ पैसे दिए और बीयर लेकर आने को कहा और साथ में कुछ खाने के लिए भी!उसने मुझे बाँहों में भर लिया, मैं भी लिपट गई. उसने मेरी कमीज़ उतार दी और अपनी भी! उस ने मेरी स्कर्ट उतार फेंक दी मुझे ब्रा पेंटी में देख उसका लौड़ा हिलने लगा. फिर दोनों ने बीयर पी, पहली बार पीने से मुझे नशा हो गया, मैं बेशर्म बन गई और खुद ही अपनी ब्रा पेंटी उतार दी. पहली बार किसी मर्द के सामने पूरी नंगी हुई थी मैं उस दिन!मेरी रोयेंदार सी सील बंद गुलाबी चूत देख वो मचल उठा, पागल हो गया और मेरे उभरती हुईं छातियों को देख वो रुक नहीं पाया और मेरे चुचूक पहली बार उसने रोशनी में देखे, पहले हर बार अँधेरे वाली जगह में देखे थे. वो चूसने लगा, मैं भी मचलने लगी.वो मुझे पर छाता गया और मैं दबती गई. बेडरूम में पहली बार लड़के के साथ थी, मुझ से रुका नहीं गया और मैं नीचे बैठ उसका लौड़ा चूसने लगी. पूरा तन चुका था उसका लण्ड, मुझे बहुत स्वाद लग रहा था, अपनी ही धुन में मैं लगी पड़ी थी. फिर उसने फिर से मेरी चूत में अपनी जीभ घुमा घुमा कर पागल कर दिया मुझे! मैंने भी उसके लौड़े को कस के पकड़ लिया और अपनी ओर खींचने लगी. उसने ऊपर आते ही मेरी टाँगें खोल लीं और बीच में बैठ अपना लौड़ा मेरी सील बंद चूत पर रखते हुए झटका मारा.मैं उछल उठी. वो इस काम का मास्टर लग रहा था, पहले से ही मुझे अपने सिकंजे में जकड़ रखा था और मेरे होंठ अपने होंठों में दबा रखे थे. दो तीन झटकों से उसने पूरा लौड़ा मेरी चूत में उतार दिया. मैं तड़प रही थी, उस का लौड़ा पूरी तरह से कस चुका था, उस को भी दर्द हो रही थी लेकिन उसने निकाल कर फिर से डाल दिया. इस बार थोड़ी राहत मिली और थोड़ा आराम से घुसा.फिर मैं खुद ही अपनी गांड उठा कर चुदवाने लगी.वाह मेरी जान! क्या टाइट चूत है साली तेरी!हाँ अब अच्छा लग रहा है! थोड़ी स्पीड बढ़ाओ!उसने तेज़ तेज़ झटके मारने शुरु कर दिए.अह उहऽऽमैं उस का उत्साह बढ़ा रही थी!साले चोद दे मुझे!हाँ! मेरी रांड देखती जा!उसने मुझे पलट लिया और घोड़ी बना कर चूत मारने लगा. उस का स्टेमिना बहुत था. मेरी इतनी चुदाई की जिससे मैं निहाल हो गई.एक साथ दोनों का काम तमाम हुआ. उसके बाद कुछ बीयर और पी और उसने स्कूल टाइम तक मुझे खूब चोदा और मुझे कच्ची कलि से फूल बना दिया, वो भी तीन बार चोद कर!मुझे चलने में मुश्किल हो रही थी.यह थी मेरी पहली चुदाई!आपके जवाबों का इंतज़ार है और बाद में अपनी चूत में घुसे दूसरे लौड़े के बारे में बताऊँगी.बाय बाय!यह तो शुरुआत है!!!![email protected]